बुधवार, अगस्त 23

सहारनपुर का पहला मेयर कौन?

मित्रों, सुना है कि सहारनपुर नगर निगम को अन्ततः उसके अपने जन-प्रतिनिधि मिलने जा रहे हैं।  चुनाव की सुगबुगाहट शुरु हो चुकी है।  सहारनपुर नगर निगम के सृजन से लेकर आज तक सहारनपुर वासी इंतज़ार ही कर रहे हैं कि उनके चुने हुए जन-प्रतिनिधियों द्वारा नगर निगम का संचालन किया जाये।

आपकी दृष्टि में सहारनपुर नगर निगम के प्रथम मेयर के रूप में कौन - कौन उम्मीदवार आदर्श हो सकते हैं?  तीन अलग - अलग परिस्थितियां  हो सकती हैं अतः आपको थोड़ी माथा-पच्ची करनी पड़ेगी !   वे तीन परिस्थितियां निम्न प्रकार हैं -

  1. मेयर पद के लिये कोई भी आरक्षण न हो !
  2. मेयर पद को आरक्षित सीट घोषित कर दिया जाये (एस.सी. / एस. टी. वर्ग हेतु)
  3. मेयर पद को महिला सुरक्षित सीट घोषित कर दिया जाये।


अतः आप नीचे दिये गये फार्म को भर कर हमें उक्त तीनों परिस्थितियों के लिये तीन - तीन, इस प्रकार 9 नाम देने का प्रयास करें।

यदि आपके द्वारा सुझाया गया उम्मीदवार इस सर्वे में सबसे अधिक लोकप्रिय उम्मीदवार के रूप में उभर कर सामने आता है तो आप का नाम निश्चय ही पुरस्कार हेतु बनाई जा रही लिस्ट में शामिल किया जायेगा।  सबसे पहले हमें फार्म भर कर भेजने वाले तीन ऐसे प्रतिभागियों को पुरस्कार देने की योजना है।

ये रहा फार्म -

    

मंगलवार, अगस्त 22

राजेन्द्र राजन के ग़ज़ल संग्रह ‘‘मुझे आसमान देकर...’’ का लोकार्पण

हिन्दी वालों ने ग़ज़ल का नुकसान नही किया वरन्‌ उसका सौंदर्य बढ़ाया है: अश्वघोष



सहारनपुर। देश के प्रख्यात गीतकार राजेन्द्र राजन के ग़ज़ल संग्रह ‘‘मुझे आसमान देकर...’’ का लोकार्पण एक भव्य समारोह में जीपीओ रोड स्थित एक सभागार में किया गया। अध्यक्षता देहरादून से आये प्रख्यात साहित्यकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने की।

सोमवार, अगस्त 21

नगर आयुक्त ने आधी रात तक जनता की समस्याएं सुनीं!

सहारनपुर - 19 अगस्त -  अगर सहारनपुर के नगर आयुक्त गौरव वर्मा और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. गीता राम रमन,  द सहारनपुर डॉट कॉम की पहल पर आधी रात तक व्यापारियों के साथ ठोस कचरे के प्रबन्धन को लेकर मंथन करते दिखाई दें, तो ये सहारनपुर के लिये अच्छे दिनों की आहट का ही संकेत हो सकता है।

रविवार, अगस्त 20

डी ए वी पब्लिक स्कूल का पूरा सहयोग मिलेगा आपके जन-जागरण अभियान को - मीनू भट्टाचार्य



सहारनपुर – 19 अगस्त – डी ए वी पब्लिक स्कूल सोनिया विहार के छात्र – छात्राओं ने नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी गीता राम को आज सड़कों पर फेंके जा रहे कूड़े के बारे में प्रश्न पूछ – पूछ कर निरुत्तर कर दिया। दरअसल, विशिष्ट अतिथि के रूप में छात्र – छात्राओं से संवाद कर रहे नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि गीला कूड़ा और सूखा कूड़ा अलग – अलग डस्टबिन में रख कर सफाई कर्मचारी को देना चाहिये। इस पर कुछ छात्राओं ने पूछा कि सर, हम तो कूड़ा अलग – अलग करके देते हैं पर नगर निगम के सफाई कर्मचारी उसे पुनः एक ही जगह मिला कर सड़क पर फेंक देते हैं तो ऐसे में हमें क्या करना चाहिये? नगर स्वास्थ्य अधिकारी गीता राम ने कहा कि वह अभी दो महीने पहले ही सहारनपुर आये हैं और कचरे की वर्तमान अव्यवस्था को सुधारने में लगे हुए हैं।शहर में चार संस्थाओं को कूड़ा संग्रह का काम दिया गया है जिनमें दो संस्थाएं कूड़े से खाद भी बना रही हैं।  बाकी दो संस्थाएं भी शीघ्र ही खाद बनाने लगेंगी। 

शुक्रवार, अगस्त 18

स्वतंत्रता दिवस पर कवि सम्मेलन और मुशायरा

सहारनपुर। 16 अगस्त !   आज़ादी की 70वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में जिला प्रशासन द्वारा गंगा-जमुनी संस्कृति पर आधारित एक संयुक्त कवि सम्मेलन व मुशायरा यहां जनमंच सभागार में आयोजित किया गया। नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन सांसद राघव लाखनपाल शर्मा, जिलाधिकारी पी के पांडेय, एडीएम एसके दुबे, नगर विधायक संजय गर्ग, पूर्व मंत्री सरफराज खां व सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन राजेश जैन आदि ने दीप प्रज्ज्वलित व रिबन काटकर किया। कार्यक्रम की शुरुआत आसिफ शम्सी द्वारा नात और विनोद भृंग द्वारा सरस्वती वंदना से की गयी। प्रख्यात साहित्यकार कृष्ण शलभ की अध्यक्षता और सुरेश सपन के नायाब संचालन में रात करीब एक बजे तक डीएम पी के पांडेय व एसएसपी बबलू कुमार सहित बड़ी तन्मयता और संजीदगी के साथ बैठे रहे श्रोताओं ने कवि सम्मेलन व मुशायरे की सफलता की खुद ही इबारत लिख दी।



गुरुवार, अगस्त 17

अपने सहारनपुर को जानो पहचानो - 01 प्रतियोगिता के परिणाम

मित्रों, हमने दि. 15 अगस्त को अपने सहारनपुर को जानो - पहचानो - 01 ऑनलाइन क्विज़  आरंभ की थी जिसमें कल 16 अगस्त को सायं 5 बजे तक हमें 51 प्रतिभागियों की प्रविष्टियां प्राप्त हुईं !  स्कूल - कॉलिज में छुट्टी होने के कारण हम  वहां संपर्क नहीं कर सके।    

सभी प्रश्नों के सभी उत्तर सही कोई भी प्रतिभागी नहीं दे पाये !  परन्तु सर्वश्रेष्ठ उत्तर  (केवल १ गलत उत्तर)  देने वाले दो प्रतिभागियों के नाम हम यहां पर दे रहे हैं - 

१- श्री हर्षवर्द्धन सैनी - प्रथम पुरस्कार
२- श्री एम. रियाज़ हाशमी - द्वितीय पुरस्कार 

दोनों विजेताओं को हार्दिक बधाई !   हर्षवर्द्धन सैनी और एम. रियाज़ हाशमी के द्वारा प्रेषित उत्तर बिल्कुल एक जैसे थे परन्तु हर्ष की प्रविष्टि हमें १० मिनट पहले प्राप्त हुई!    

सही उत्तर इस प्रकार हैं - 

हमारा पहला सवाल था - ललता प्रसाद अख्तर कौन थे?    सही उत्तर है - सहारनपुर के एक स्वतंत्रता सैनानी !

बुधवार, अगस्त 16

सहारनपुर - एक आकर्षक पर्यटन स्थल

उत्तर प्रदेश में जब पर्यटन की बात होती है तो सहारनपुर को इस दृष्टि से निर्धन मान कर हमेशा उपेक्षित कर दिया जाता है। प्रदेश की पर्यटन संबंधी पुस्तकों को सहारनपुर का नाम नगण्य है। देश-विदेश के पर्यटक सहारनपुर के निकटवर्ती देहरादून, मसूरी, हरिद्वार और ऋषिकेश घूमने आते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में सहारनपुर घूमे बिना चले जाते हैं। यह सहारनपुर के लिये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।

सहारनपुर सदियों से समृद्ध क्षेत्र रहा है। सहारनपुर नगर मुगलकाल में बसा है लेकिन सरसावा, बेहट, देवबन्द, नकुड़ नगर महाभारतकालीन हैं। यहां घने वन होने के कारण पांडवों ने अपना अज्ञातवास इसी क्षेत्र में बिताया था। 

सहारनपुर का दारुल उलूम देवबन्द

 सहारनपुर का दारुल उलूम देवबन्द 
दारुल उलूम देवबन्द का मुख्य भवन

मंगलवार, अगस्त 15

अपने सहारनपुर को पहचानो - 01

आज आपके सामने एक प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है - अपने सहारनपुर को जानो - पहचानो !  हम आपको सहारनपुर के विभिन्न स्थानों के कुछ चित्र दिखा रहे हैं और कुछ प्रश्न पूछ रहे हैं।  आपको ये फार्म भर कर यहीं हमें प्रेषित करना है।

सारे सही जवाब देने वाले पहले तीन प्रतियोगियों को पुरस्कृत किया जायेगा।   यहां कमेंट के रूप में जवाब देने से ये प्रतियोगिता अन्य प्रतिभागियों के लिये बेकार हो जायेगी अतः यहां या फेसबुक आदि पर उत्तर देना मना है।  

प्रतियोगिता में उत्तर देने के लिये आपके पास कल यानि 16 अगस्त 2017 के सायं 5 बजे तक का समय है।

SAHARANPUR FUN QUIZ No. 1  

शनिवार, अगस्त 12

समन्वय - साहित्यिक संस्था

समन्वय  ( सहारनपुर की एक अग्रणी साहित्यिक संस्था) 

स्थापना - वर्ष 1982
पंजीयन संख्या - 1365

संपर्क - N-59, पैरामाउंट ट्यूलिप, दिल्ली रोड, सहारनपुर-247001
फोन - कृष्ण शलभ - 09358326621,  विनोद भृंग - 9758350247

राष्ट्रभाषा हिन्दी का प्रचार-प्रसार तथा सृजनात्मक चेतना से प्रबुद्ध नागरिकों के साथ सार्थक संवाद बनाये रखने के निमित्त वर्ष 1982 में ’समन्वय’ संस्था की स्थापना हुई थी।  आत्मवत्‌ सर्वभूतेषु’ की भावना से जुड़े ’समन्वय’ का अर्थ है - जीवन जीने का आनन्द, श्रेष्ठ का सृजन और उसे विभिन्न माध्यमों से रूपायित करने का प्रयास !

जो विशेष पसन्द किये गये !