शनिवार, अगस्त 12

विभावरी - साहित्यिक तीर्थ यात्रा

साहित्य के क्षेत्र में 25 अगस्त, 1983 से कार्य कर रही संस्था विभावरी सहारनपुर की एक प्रतिष्ठित संस्था है जिससे अनेक साहित्यानुरागी और साहित्यकार जुड़े हुए हैं और साहित्य - सृजन को गति प्रदान कर रहे हैं।
डा. सीताराम त्यागी, श्री रघुवीर सिंह ’अरविन्द’, स्व. डा. ओम प्रकाश वर्मा, श्री धर्मपाल दत्त, डा.विजेन्द्र पाल शर्मा, श्री राजेन्द्र कर्णवाल, डा. सुखबीर सिंह सैनी, श्री प्रह्लाद आतिश और श्री अनवर ताबां इस संस्था के संस्थापक सदस्य कहे जा सकते हैं।

संस्था के उद्देश्य निम्नवत्‌ हैं -
  • साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करके समाजोत्थान में सहयोग करना।
  • हिन्दी साहित्य के सृजन में योगदान करना तथा समय-समय पर सुरुचिपूर्ण सद्‌साहित्य का प्रकाशन करना।
  • साहित्यिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक क्षेत्र की विभिन्न प्रतिभाओं को समय-समय पर सम्मानित करना तथा राष्ट्रीय भावना को पुष्ट करना।  
घरेलू काव्य गोष्ठियों, परिचर्चाओं से आरंभ होने वाली विभावरी स्म्स्था ने 13 अप्रैल 1986 को भारतरत्न डा. अंबेदकर जयन्ती की पूर्व संध्या पर जुबली पार्क के विशाल मैदान में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया जिसमें देश के ख्यातिप्राप्त कविगण पधारे।   इस अवसर पर 51 निर्धन व्यक्तियों को वस्त्र भी वितरित किये गये।   इसके अलावा सुभाष जयन्ती पर निर्धन लोगों को रजाइयां वितरित की गयीं।

साहित्यिक गतिविधियां 

विभावरी प्रतिवर्ष हिन्दी दिवस के अवसर पर जनपद सहारनपुर के इंटरमीडिएट स्तर तक के छात्र-छात्राओं में वैचारिक प्रखरता तथा वक्तृत्व क्षमता को उभारने के उद्देश्य से अनेक साहित्यिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक विषयों पर प्रतियोगिताओं का आयोजन करती चली आ रही है।



विभावरी ने छः वर्ष तक प्रतिष्ठित समाजसेवी स्व. बाबू मंगलकिरण जैन के सुपुत्र साहित्यानुरागी और सद्‌साहित्य के प्रकाशक स्व. प्रभात किरण जैन की स्मृति में तथा स्व. पद्मश्री डा. राम नारायण बागले की पुण्य स्मृति में ज्वलन्त समस्याओं पर वाद-विवाद प्रतियोगिता, देशभक्ति गीत, लोकगीत, भक्तिगीत, दोहा पाठ तथा प्रेरक प्रसंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया है।  वर्ष 1997 से विभावरी ने प्रतियोगिताओं के परिणामों को और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिये अपने परिवारों के बच्चों का इन प्रतियोगिताओं में भाग लेना प्रतिबन्धित कर दिया था।


सामाजिक सेवा कार्य 

इसके अलावा विभावरी की गतिविधियों में - योग्य चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर व स्वेटर का वितरण आदि सम्मिलित हैं।  वर्ष 1991 में रामनवमी के अवसर पर सहारनपुर में हुए दंगों के कारण लगे कर्फ्यू के दौरान विभावरी के सचिव डा. विजेन्द्र पाल शर्मा के साथ डा. सुखबीर सिंह सैनी, श्री दिवाकर गुप्ता तथा श्री अनुज कुमार शर्मा ने सैंकड़ों जरूरतमन्दों को तीन दिन तक आटा व आलू वितरित कराया था।  

वर्ष 1992 में गांव सरकड़ी शेख में साम्प्रदायिक तनाव को दूर करने में विभावरी के डा. विजेन्द्र पाल शर्मा, श्री कश्मीर सिंह, श्री सत्य प्रकाश त्यागी तथा श्री सेवाराम शर्मा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।  यही नहीं, श्री शाकुंभरी देवी के दर्शनार्थ जाने वाले पैदल तीर्थ यात्रियों के लिये तीन वर्ष तक कलसिया में दस-दिवसीय निःशुल्क भोजन एवं जलपान शिविर भी लगाये गये।  

वर्ष 1993 में बिजली विभाग द्वारा आटा चक्कियों की विद्युत आपूर्ति रोक देने के बाद जब दैनिक मज़दूरों को आटा तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा था, तब डा.विजेन्द्र पाल शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने अधीक्षण अभियंता से मिलकर आटा चक्कियों को प्रतिबन्ध से मुक्त कराया था।   

दो अलग-अलग अवसरों पर निराश्रित विधवा महिलाओं को जीवन - यापन के संबल के रूप में तथा निःशुल्क सिलाई सिखाने वाली संस्था सेवा भारती मंडल को सिलाई मशीनें वितरित कराई गयीं।  

श्री कश्मीर सिंह की पहल पर 2 अक्तूबर 2006 को विभावरी ने इंडियन ओवरसीज़ बैंक, शाखा घंटाघर, सहारनपुर के साथ मिलकर नगर में तुलसी के 10,000 पौधे तथा ’तुलसी एक संपूर्ण औषधीय पौधा’ शीर्षक से पुस्तिका की 3000 प्रतियां वितरित कीं।  

वर्ष 2006 से विभावरी के संरक्षक श्री हरिराम पथिक के स्व. पिताजी की स्मृति में ’श्री नत्थूलाल स्मृति विभावरी छात्रवृत्ति’ तथा सहसचिव श्री आदेश कुमार शर्मा के पूज्य पिताजी के नाम से ’पं. ओ३म्‌ प्रकाश शर्मा विभावरी छात्रवृत्ति का शुभारंभ किया गया ताकि प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाया जा सके।  संस्था के अध्यक्ष श्री कश्मीर सिंह की ओर से भी उनके दादाजी चौ. किशना सिंह जी की पुण्य स्मृति में २ छात्रवृत्तियां आरंभ की गयीं।  

इसके अतिरिक्त स्वतंत्रता सेनानियों का भावपूर्ण अभिनन्दन व विभिन्न  सामाजिक व साहित्यिक क्षेत्र में सेवाओं  
के लिये डा. ओम प्रकाश वर्मा, डा. विजेन्द्र पाल शर्मा, श्री कश्मीर सिंह, पं. देवक राम सुमन, श्री दिवाकर गुप्त, श्री रवि पाराशर, डा.विष्णुदत्त राकेश, श्रीमती किशोरी देवी चतुर्वेदी, श्री श्रीपाल जैन ठेकेदार, स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती, श्री वारस चन्द जी, वैद्य पं. सोमदत्त जी आदि का सार्वजनिक अभिनन्दन किया गया।




डा. राम सकल पाण्डेय - अध्यक्ष शिक्षा विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय इलाहाबाद, आचार्य रामनाथ सुमन प्राचार्य धौलाना डिग्री कालेज धौलाना गाज़ीपुर के श्री कृष्ण राय ’हृदयेश’, आई-आई.टी. रुड़की के मुख्य जन संपर्क अधिकारी डा. मधुर, देहरादून के गीतकार श्री राम प्रताप साकेती, मुज़फ्फरनगर की कवयित्री श्रीमती सुशीला शर्मा, हरिद्वार के गीतकार श्री रमेश ’रमन’, मथुरा की डा. सरिता शर्मा को अंगवस्त्र, श्रीफल आदि भेंट किये गये।


संस्था के मंच से राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त गीतकार श्री राजेन्द्र ’राजन’ के गीत संग्रह ’केवल दो गीत लिखे मैने, विभावरी के संरक्षक सदस्य श्री हरिराम पथिक के मुक्तक संग्रह ’पीड़ा की निधियां तथा प्रो. योगेश छिब्बर की कृतियां - हाथों में ताजमहल, नैना गिरवी रख लिये का लोकार्पण किया गया।   समन्वय, मानसी व वैष्णवी नृत्यालय की सामूहिक प्रस्तुति आनन्द संध्या का आयोजन स्वयं में अनूठा और विशिष्ट रहा जिसमें प्रो. छिब्बर की रचनाओं की सस्वर प्रस्तुति दी गयी।




संस्था की ओर से रजत जयंती वर्ष पर ’रजत उत्सव’  तथा ’काव्य कलश’  का प्रकाशन विभावरी की चिरस्थायी उपलब्धि हैं।   इसके अतिरिक्त स्व. प्रो. योगेश छिब्बर की कालजयी कृति - ज़िक्र पियारे का का प्रकाशन हुआ। डा. विजेन्द्र पाल शर्मा का काव्य संग्रह - कागज़ का भी मन होता है का प्रकाशन भी विभावरी की एक प्रमुख उपलब्धि है।


विभावरी संस्था के संरक्षक, कार्यकारिणी और  सदस्यगण 

श्री जे.के. तायल - संरक्षक
डा. एस.एस. कुमार - संरक्षक
श्री हरि राम पथिक -  संरक्षक
श्री अनिल कुमार हरित - संरक्षक

कार्यकारिणी सदस्य -
श्री कश्मीर सिंह - अध्यक्ष
श्री राम विनय शर्मा - उपाध्यक्ष
डा. विजेन्द्र पाल शर्मा - सचिव
श्री आदेश कुमार - सहसचिव
श्री पवन जैन - सहसचिव
सी.ए. अमन सिंह - कोषाध्यक्ष
श्री सुशान्त सिंहल - मीडिया प्रभारी 

सर्व श्री कश्मीर सिंह, नेमचन्द जैन एडवोकेट, डा. विजेन्द्र पाल शर्मा, आदेश कुमार शर्मा, डा. इरशाद सागर, बालेश्वर कुमार जैन, सुरेश चन्द चौहान, सुबोध शर्मा एडवोकेट, प्रह्लाद आतिश, पंकज गुप्ता महाराज सिंह कालेज सहारनपुर, जय प्रकाश भारतीय खाद्य निगम, सुशील कुमार पाल जिला सहकारी बैंक, डा. ओम प्रकाश वर्मा (दिवंगत), डा. भूपचन्द आर्य, राज कुमार सैनी, द्वारका नाथ धींगड़ा, राजेन्द्र चुग फ्रेंड्स आटोमोबाइल्स, राकेश मोहन गुप्ता  आर्किटेक्ट व वेल्युअर, राजकुमार आई.टी.सी.,  डा. रागिनी भूषण अध्यक्षा संस्कृत विभाग ग्रेजुएट्स कालेज फॉर वीमेन, जमशेदपुर, संजीव पाठक पंजाब नेशनल बैंक, सत्य प्रकाश त्यागी सिंचाई विभाग, राजेन्द्र सिंह यादव मुख्य विकास अधिकारी, देवेन्द्र जैन राणा मसाला उद्योग, सुशान्त सिंहल द सहारनपुर डॉट कॉम व शिवालिक बैंक सहारनपुर, डा. रामेश्वर प्रसाद सारस्वत पंजाब नेशनल बैंक, अशोक कुमार मित्तल उप राजस्व अधिकारी सिंचाई विभाग, डा. सतपाल सेठी सीनियर नॉन कमीशन्ड ऑफिसर, फ्लाइट इंजीनियर्स,  इंडियन एयर फोर्स, डा. अजय अनुपम प्रधानाचार्य सनातन धर्म हिन्दू इंटर कालेज ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद, हरपाल सिंह अरुष, सेवानिवृत्त बेसिक शिक्षा अधिकारी मुज़फ्फरनगर, स. अमित पाल सिंह राना दशमेश ब्रशवेयर, भारत भूषण शारदा, आनन्द प्रकाश भटनागर वाणिज्य कर विभाग, सुखपाल सिंह बाजवा सिंचाई विभाग, उ. प्र. नलकूप खंड, बिजनौर, डा. ईश्वर दयाल सैनी चिकित्सक, अशोक आनन्द सहायक महाप्रबंधक, बी.एस.एन.एल., मंजू हरित अध्यापिका आशा मॉडर्न स्कूल चन्द्र नगर सहारनपुर, महेन्द्र पाल सिंह चंदेल जिला सहकारी बैंक, डा. ज्योत्सना शर्मा सेवानिवृत्त अध्यक्ष मनोविज्ञान विभाग, दिगम्बर जैन कालेज बड़ौत, प्रो. योगेश छिब्बर (दिवंगत),  पवन कुमार जैन इंडियन ओवरसीज़ बैंक, बीना गुप्ता ग्रीन पार्क हसनपुर चुंगी दिल्ली रोड सहारनपुर, प्रत्यूष जैन सी.ए. कोर्ट रोड सहारनपुर, वीणा सारस्वत पंत विहार सहारनपुर, शिखा जैन निदेशक प्रेक्सिस इंजीनियर्स दीनानाथ स्ट्रीट सहारनपुर, चन्द्रमोहन आहूजा नटराज स्टेशनर्स, कृष्ण अवतार शर्मा पुस्तकालयाध्यक्ष महाराज सिंह कालेज सहारनपुर, विपुल मित्तल आकार एडवर्टाइज़र्स, लक्ष्मी तायल जगदीश निवास भगत सिंह मार्ग सहारनपुर, त्रिलोक चन्द गुप्ता चौन्ताला मोहल्ला सहारनपुर, डा. शिवनारायण शर्मा, मुमताज़ ’सादिक’ मुख्य गन्ना अधिकारी, विनय नोंक सिंडीकेट बैंक, डा. अनुज कुमार शर्मा इंडियन हर्ब्स रिसर्च एंड सप्लाई कं, डा. रविदीप सिंह केसर सामाजिक जन चेतना संस्था, के.के. बंसल सेवानितृत्त सहायक अभियंता इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, डा. महेश चन्द्रा चन्द्रा स्किन केयर सेंटर बाजोरिया मार्ग सहारनपुर, डा. अश्वनी कुमार निगम प्रवक्ता एस.एन. मैडिकल कालेज आगरा, भारत भूषण हिंगोरानी इंडियन ओवरसीज़ बैंक, अश्वनी गुप्ता आर्किटेक्ट सर्वोदया एसोसियेट्स कोर्ट रोड सहारनपुर,  लायनेस मीनल गुप्ता तिलक भवन न्यू जवाहर पार्क सहारनपुर, तेजपाल सिंह जिला ग्रामोद्योग कार्यालय सहारनपुर न्यू गोपाल नगर सहारनपुर, सुरेश सपन पवन विहार सहारनपुर, नरेन्द्र वर्मा ’मस्ताना’ स्वर्णकार डायमंड रिग सैंटर होली चौक कायस्थान बाज़ार सहारनपुर, राजकुमार श्रम प्रवर्तन अधिकारी, चन्द्रभान सिंह पत्रकार सी.बी.सिंह, नरेश कुमार सैनी रीडर नगर मजिस्ट्रेट    

वर्तमान स्थिति

विभावरी के अध्यक्ष श्री कश्मीर सिंह, जो इंडियन ओवरसीज़ बैंक में उच्च अधिकारी हैं, कुछ वर्ष पूर्व स्थानान्तरित होकर पंजाब में चले गये हैं।  संस्था के दूसरे प्रमुख स्तंभ डा. विजेन्द्र पाल शर्मा भी स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अब उतना सक्रिय नहीं हो पा रहे हैं, अतः विभावरी की गतिविधियों में पिछले दो-एक वर्षों में कुछ कमी आ रही प्रतीत होती है।  संस्था को  इंतज़ार है इन दोनों के स्थानापन्न के रूप में एक ऐसे कर्मठ और जुझारू नेतृत्व की जो विभावरी को न केवल निरन्तर गतिशील बनाये रख सके बल्कि उसे नयी ऊंचाइयां दे सके।   

2 टिप्‍पणियां:

  1. सुशांत जी आभार !
    "विभावरी" को एक नया मंच आपने प्रदान किया इसके लिए संस्था आपकी आभारी रहेगी!
    सादर
    कश्मीर सिंह

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  2. संस्था के परिचय का प्रस्तुतिकरण बहुत ही अनूठा है !

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जो विशेष पसन्द किये गये !