गुरुवार, अगस्त 31

आदर्श नागरिक बन रहे हैं शांति विद्यापीठ के छात्र-छात्राएं


सहारनपुर - 31 अगस्त -  युवावर्ग को समाज के असहाय वर्ग के लोगों के प्रति ममत्व, सेवा और सहकार के संस्कार देने के उद्देश्य से शांति विद्यापीठ के निदेशक विशाल श्रीवास्तव ने एक मुहिम चलाई हुई है जिसके अन्तर्गत उन्होंने अपने ऐसे  विद्यार्थियों का समूह बनाया है जिनकी इस बारे में रुचि है।   ये विद्यार्थी अपने – अपने घरों से सप्ताह में एक दिन भोजन बना कर संस्थान में लाकर एकत्र करते हैं। वहां पर एकत्रित भोजन के पैकेट बनाए जाते हैं और फिर ये छात्र निकल पड़ते हैं अपने निदेशक के साथ शाम को सड़कों पर, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर, कचहरी पुल पर ऐसे लोगों की तलाश में जिनको दो जून की रोटी भी नसीब नहीं हो सकी है। उनको भोजन के पैकेट सौंप कर इन युवाओं को जो संतोष और तृप्ति का अहसास होता है, वह अतुल्य है और यही कारण है कि इस समूह में और भी छात्र – छात्राएं जुड़ने की इच्छा से अपना नाम लिखा रहे हैं।


आई.टी.सी. - सर्किट हाउस रोड पर श्यामनगर (न्यू शारदा नगर) स्थित शांति विद्यापीठ के छात्र - छात्राओं में  अभी तक अनुराधा, मीनाक्षी, दीपाली, लवली, सिमरन, वन्दना, शिवानी राय, नन्दिनी, रितिका, मयंक शर्मा, मयंक, अनमोल, पुरुषार्थ, अभिषेक और आर्यन इस समूह में शामिल होचुके हैं और संस्थान के निदेशक विशाल श्रीवास्तव के निर्देशन में साप्ताहिक सेवा गतिविधियों में जुटे हुए हैं।

विद्यार्थियों ने संस्थान की सड़क की सफाई भी की 

शांति विद्यापीठ की सेवा गतिविधियों में सिर्फ भोजन बांटना ही शामिल नहीं है बल्कि वह हर ऐसा मौका तलाशते हैं जिसमें कुछ अच्छा करने का अवसर मिले।   छात्र-छात्राओं द्वारा श्रमदान करते हुए अपने संस्थान के बाहर वाली सड़क को साफ सुथरा करके चमका देना ऐसा ही एक और उदाहरण है। जिस सड़क को न्यू शारदा नगर निवासी ’कूड़े वाली सड़क’ के रूप में पहचानने लगे थे, अब उस सड़क पर कूड़ा ढूंढे से भी नहीं मिलता है।

जब द सहारनपुर डॉट कॉम के ’घूमता आइना’ ने विशाल श्रीवास्तव से पूछा कि उन्होंने  नगर निगम को सफाई करने के लिये कहने के बजाय खुद सफाई करने का विकल्प क्यों चुना तो उन्होंने बताया कि वह नगर निगम के सफाई कर्मचारियों, सैनेटरी इंस्पेक्टर को तो बीसियों बार अनुरोध कर चुके थे कि वह सड़क को साफ करा दें ताकि संस्थान में आने वाले सैंकड़ों छात्र-छात्राएं और गली के अन्य लोग बीमारियों से बचे रहें पर किसी ने भी उनकी फरियाद नहीं सुनी।

संयोग से उन्हीं दिनों द सहारनपुर डॉट कॉम की ओर से शांति विद्यापीठ के छात्र-छात्राओं व स्टाफ के लिये ठोस कचरा प्रबन्धन गोष्ठी का आयोजन किया गया।

संस्थान के निदेशक विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि द सहारनपुर डॉट कॉम द्वारा आयोजित की गयी इस कार्यशाला का उनके स्टाफ और छात्र-छात्राओं पर इतना प्रभाव पड़ा कि वह सड़क पर पड़े हुए कूड़े के ढेर को खुद ही साफ करने का संकल्प लेकर जुट गये।   उन्होंने कहा कि उन लोगों को सफाई और सुन्दरता के लिये प्रेरित करने का काम तो द सहारनपुर डॉट कॉम ने ही किया है।

आप भी भेजिए हमें ऐसे समाचार 

हम आपसे अनुरोध करते हैं कि यदि आपके पास भी ऐसे कुछ अच्छे क्रियाकलापों की जानकारी हो जिनसे समाज में अन्य लोगों को भी कुछ अच्छा करने की प्रेरणा मिल सकती है तो कृपया उस गतिविधि की सचित्र रिपोर्ट हमें प्रेषित करें। हम उस समाचार को अवश्य द सहारनपुर डॉट कॉम पर स्थान देंगे।  यदि आप नियमित रूप से अपने क्षेत्र के ऐसे समाचार भेजना चाहें तो हमें thesaharanpur@gmail.com पर अपना बायोडाटा प्रेषित करें ताकि हम प्रशिक्षु पत्रकार के रूप में आपको शामिल कर सकें।  

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