बुधवार, सितंबर 27

कचरे से दौलत तक विचार गोष्ठी का आयोजन

सहारनपुर - 16 सितंबर -   संकटमोचन हनुमान मंदिर, हकीकत नगर के प्रांगण में आज द सहारनपुर डॉट कॉम के सदस्यों द्वारा ’ठोस कचरा प्रबन्धन’ विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया जिसमें सीनियर सिटीज़न वेलफेयर सोसायटी के हकीकत नगर ज़ोन के सदस्यों व पदाधिकारियों के साथ इस समस्या के निराकरण के उपायों को लेकर विचार मंथन किया गया।


द सहारनपुर डॉट कॉम के संस्थापक अध्यक्ष सुशान्त सिंहल ने कहा कि गोरखपुर में जिस प्रकार एंसेफलाइटिस से सैंकड़ों बच्चे मैडिकल कॉलेज के अस्पताल में दाखिल होने के बावजूद हर साल काल के गाल में समा जाते हैं, उससे हमें संभल जाना चाहिये क्योंकि डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, हेपेटाइटिस आदि बीमारियों के लिये अगर कोई जिम्मेदार है तो वह है सिर्फ गंदगी !  सहारनपुर की सड़कों पर चारों ओर बिखरी पड़ी गंदगी,  उसमें मुंह मारते आवारा जानवर, उसी गंदगी में कूड़ा बीनते नन्हें बच्चे भयानक बीमारियों को दावत दे रहे हैं।  यदि हम अभी भी लापरवाह बने रहे तो कभी भी मौत हम पर भी झपट्टा मार सकती है।

उन्होंने कहा कि  नगर निगम यदि चाहे तो भी अकेले अपने दम पर शहर के सारे कूड़े - कचरे का निपटारा नहीं कर सकती है।  जनता को इसमें यथासंभव सहयोग करना ही होगा।  और वह सहयोग यही हो सकता है कि इन बातों का ध्यान रखें -

  1.  अपने रोज़मर्रा के जीवन को पॉलिथिन व थर्मोकोल से मुक्त रखें।  
  2.  हर वह ठोस कचरा जो एक दो दिन में ही सड़ने और बदबू देने लगता है - खाद बनाने के लिये बहुत उपयोगी है, उसे खाद बनाने वाली संस्थाओं को ही दें या खुद होम कंपोस्टिंग विधि से खाद बना डालें।  
  3. हमारे लिये हर वह बेकार आइटम जिसे कबाड़ी खरीदना चाहते हैं - जैसे प्लास्टिक, लोहा व अन्य धातुएं, कांच की बोतलें, कापी, किताब, अखबार, गत्ता आदि - उसे कबाड़ी को ही दें ताकि वह रि-साइकिल हो सके।
  4. बायो मैडिकल वेस्ट जैसे - जख्म से उतारी हुई मरहम पट्टी, खून से सने कपड़े, इंजेक्शन की सुईं, बची हुई दवाइयां व शरीर में से निकाले हुए अंग, डायपर, सैनेटरी नेप्किन आदि के निपटारे के लिये विशेष एजेंसी होती हैं जो अस्पताल, नर्सिंग होम व डाक्टरों के यहां से हर रोज़ ये कचरा एकत्र करके उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटारा करती हैं।   यदि हमारे घर में  भी कुछ ऐसा सामान हो तो उसे सामान्य डस्टबिन में न डाल कर रास्ते में किसी डॉक्टर की क्लीनिक या नर्सिंग होम में रखे हुए कचरे के डब्बे में डाल देना चाहिये। 
इस अवसर पर बोलते हुए द सहारनपुर डॉट कॉम के सदस्य व  समर्पण संस्था के अध्यक्ष अमित त्यागी ने कहा कि उनको नगर निगम के पन्द्रह वार्ड से ठोस कचरा इकट्ठा करके खाद बनाने की जिम्मेदारी नगर निगम ने दी है और वह यमुना एक्शन प्लांट मल्हीपुर रोड पर खाद बनाने का कार्य शुरु कर चुके हैं।   उनके रिक्शा व ट्रक विभिन्न वार्डों में जाकर घर - घर से कूड़ा एकत्र कर रहे हैं जिस कार्य में हमें आप सबका सहयोग चाहिये।  यदि आप सब कूड़े को अपने - अपने घर पर ही मिक्स न होने दें और सिर्फ आर्गेनिक कूड़े को ही हमारे रिक्शे को दें तो हमें उसकी छंटाई करने में समय बरबाद नहीं करना पड़ेगा।


द सहारनपुर डॉट कॉम के सदस्य शांति विद्यापीठ के निदेशक विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी गली में कूड़े का ढेर लगा रहता था जिसके लिये नगर निगम के कर्मचारियों को कई बार कहा गया परन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई !  द सहारनपुर डॉट कॉम की ऐसी ही एक सेमिनार हमारे संस्थान में भी आयोजित की गयी थी, उससे हम सब इतने उत्साहित व प्रेरित हुए कि खुद ही श्रमदान करके अपनी गली को साफ कर लिया।   जो गली कूड़े वाली गली के रूप में पहचानी जाने लगी थी, उसमें अब कूड़ा ढूंढे से भी नहीं मिलता है।


सीनियर सिटीज़न वेलफेयर सोसायटी के श्री आर.एस. माथुर, आर.के. जैन, डा. के.के. खन्ना, वीरेन्द्र बहल, अशोक चुग, हाण्डा व अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों ने इस मुहिम में बढ़ चढ़ कर भाग लेने का आश्वासन दिया और इसके साथ ही यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।   

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