सोमवार, अक्तूबर 15

’प्रवाह’ स्कूल के बच्चों ने मचाई धूम : आरोन एजुकेशन सोसायटी से कंप्यूटर मिला


’प्रवाह’ स्कूल को AEWS द्वारा भेंट किया गया कंप्यूटर पाकर खुशी से सराबोर बच्चे !  
सहारनपुर : 14 अक्तूबर – यदि आप के भीतर कुछ अच्छा करने की चाह है तो रास्ते निकल ही आते हैं।  आरोन एजुकेशन वेल्फेयर सोसायटी (AEWS) के सदस्य मानों मौके की तलाश में ही रहते हैं कि कहां किस की सहायता की जा सकती है।  पारुल सिंहल द्वारा तीन वर्ष पहले अपने घर के एक कमरे में ही, निर्धन परिवार के बच्चों को एकत्र करके ’प्रवाह’ नाम से एक स्कूल की शुरुआत की गयी थी जिसमें पांच वर्ष से 16 वर्ष की आयु के आज 35 बच्चे पढ़ रहे हैं। जब AEWS टीम को पता चला कि निस्वार्थ भाव से चलाये जा रहे इस स्कूल के बच्चों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण देने के लिये एक कंप्यूटर की जरूरत है तो संस्था ने ठान लिया कि इस स्कूल को भी एक कंप्यूटर भेंट दिया जाना है।  संस्था इससे पहले भी हिन्दू कन्या इंटर कालेज की छात्राओं के लाभ के लिये 10 कंप्यूटर और रीति आश्रम स्कूल को 2 कंप्यूटर भेंट कर चुकी है।






प्रवाह स्कूल की एक विशेष बात ये है कि यहां पढ़ने वाले बच्चे अपने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने हेतु अपनी ओर से भी जीविका अर्जन करके योगदान देते हैं।  विद्यालय की प्रिंसिपल पारुल सिंहल का प्रयास है कि ये बच्चे पढ़ लिख कर योग्य बन सकें तो अपने परिवार का भविष्य उज्ज्वल कर सकेंगे।    

इस अवसर पर प्रवाह स्कूल के बच्चों ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए स्वागत भाषण पढ़ा बल्कि कविताएं, गीत आदि सुना कर अतिथियों का मनोरंजन भी किया।  इस अवसर पर AEWS संस्था की सम्पूर्ण टीम अध्यक्ष रश्मि टेरेंस के नेतृत्व में बच्चों के साथ इस प्रकार घुल मिल गयी मानों इन बच्चों से बहुत पुरानी दोस्ती हो।  AEWS की ही एक सदस्या शगुन खन्ना ने बच्चों के बीच में फर्श पर बैठ कर उनको सुलेख के गुर सिखाये।  संस्था के उपाध्यक्ष अधिराज गुलाटी ने बच्चों के साथ सामूहिक रूप से गीत सुनाया। 

AEWS के सचिव सुशान्त सिंहल ने प्रवाह स्कूल के छात्र – छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह निश्चित रूप से सौभाग्यशाली हैं कि उनको ’प्रवाह’ स्कूल के रूप में शिक्षा पाने का सुअवसर मिला है जिसका उनको लाभ उठाते हुए स्कूली शिक्षा और कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहिये ताकि वह एक अच्छे इंसान भी बन सकें और अच्छी जीविका पाने में भी सक्षम हो सकें। 

द सहारनपुर डॉट कॉम की सचिव श्रीमती नीना धींगड़ा ने कहा कि वह पारुल सिंहल द्वारा निर्धन बच्चों के बेहतर भविष्य के लिये निस्वार्थ भाव से आरंभ किये गये प्रवाह स्कूल के बच्चों में जो सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं, उनको देख कर चमत्कृत हैं।  पारुल सिंहल वास्तव में ही इन बच्चों से बहुत लगाव रखती हैं और उनकी मित्र और शुभ चिन्तक बन कर उनको शिक्षित करने में लगी हुई हैं।  उनके प्रयासों को समर्थन देना हम सब का पावन कर्तव्य है।  इसीलिये उन्होंने AEWS संस्था से अनुरोध किया कि स्कूल को एक कंप्यूटर दिया जाये।  मुझे हर्ष है कि संस्था ने हमारे अनुरोध को स्वीकार करते हुए आज बच्चों के लिये एक कंप्यूटर भेंट किया है। 

AEWS की ओर से ज्योति अग्रवाल पार्षद,  जॉनी वर्मा, राहुल गुणदेव, नीलू खान, खेमचन्द सैनी, शगुन खन्ना आदि उपस्थित रहे।

रविवार, अक्तूबर 14

आवाज़ के सितारे 2018 : विजयी गायकों को सम्मान और प्रोत्साहन






सहारनपुर 14 अक्तूबर 2018 : आवाज़ के सितारे 2018 गायन प्रतियोगिता का आज द्वितीय व अंतिम चरण सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। 

स्थानीय जे.वी. जैन कॉलेज की ’कलांगन’ श्रोतृशाला में आयोजित प्रतियोगिता में तीनों वर्गों में तीन – तीन विजयी प्रतिभागियों का चयन करते हुए करतल ध्वनि के बीच उनको नकद पुरस्कार, प्रमाणपत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। 5 से 12 आयु वर्ग के सब जूनियर ग्रुप में कैफ मलिक, हेमांग खन्ना और वैष्णवी मोहन ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्राप्त किये।   जूनियर ग्रुप में अविरल को प्रथम, हार्दिक भारद्वाज को द्वितीय और करण कौशिक को तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया।  सीनियर वर्ग में प्रथम स्थान पर शाहनूर काज़ी, द्वितीय स्थान पर अलका चोपड़ा और तृतीय स्थान पर अतुल सचदेव रहे। 

निर्णायक मंडल ने सभी गायकों को सराहते हुए कहा कि गायन एक बहुत कठिन किन्तु बहुत आनन्दित करने वाली विधा है जो निरन्तर अभ्यास व योग्य गुरु के चरणों में बैठने से ही सिद्ध होती है। कठोर आत्मानुशासन और लगन ही सफलता की कुंजी हैं।


इस अवसर पर अभि धीमान और रितिका काम्बोज ने अतिथि कलाकारों के रूप में कत्थक युगल नृत्य प्रस्तुत करके सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से निष्ठा और के.के. गर्ग ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन से किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से वीरेन्द्र चौधरी, योगेश दहिया, रश्मि टेरेंस, निशि जैन, शशिकांत त्यागी, शोभित विश्वविद्यालय के उपकुलपति को सम्मानित किया गया जिनके सहयोग से कार्यक्रम सम्पन्न हो सका। पूर्व विधायक सुरेन्द्र कपिल,  कमल शर्मा व अंजू शर्मा, पूनम गर्ग, दीपाली गर्ग, रुचिन्द्रा मेहता, बिजेन्द्र त्रिपाठी, करुणा प्रकाश, राकेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।

शुक्रवार, अक्तूबर 12

बालिकाओं के प्रति होने वाले अपराध - ’सेवा’ द्वारा गोष्ठी का आयोजन

क्या विचित्र विडम्बना है!   जिस समाज में ’यत्र नार्यन्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता !’  का आदर्श अनादि काल से चला आ रहा है,  जिस समाज में नवरात्रों में घर - घर में बालिकाओं की पूजा की जाती है, उनके चरण स्पर्श कर के उनको भेंट पूजा दी जाती है, उस समाज में आज  प्रधानमंत्री को ’बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ’  का नारा देना पड़ रहा है!  महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिये कठोरतम कानूनों की मांग करनी पड़ रही है!  दुधमुही बच्चियों के साथ और 70-80 वर्ष की वृद्धाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं समाज में घर कर रही किस विकृति की ओर संकेत कर रही हैं?   हम आखिर कहां गलती कर बैठे हैं?   क्या हमारी शिक्षा दोषपूर्ण है?  या हमारे परिवारों में बच्चों को सही संस्कार नहीं मिल पा रहे हैं?   या मनोरंजन उद्योग व मीडिया में बैठे कुछ लोग धन की अंतहीन पिपासा में जान बूझ कर हमारे युवाओं की मानसिकता को बिगाड़ते हुए उनको गलत आचरण के लिये प्रेरित कर रहे हैं?



इन्हीं सब मुद्दों को लेकर ’सेवा’ (स्मार्ट एजुकेशन एवं वेल्फेयर एसोसियेशन) और परवेज़ सागर फाउंडेशन ने अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर एक संवाद का आयोजन किया। नगर के रूपचंद पब्लिक इंटर कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्ण भागेदारी की। गोष्ठी का शुभारंभ प्रबंधक नकलीराम उपाधयाय, ’सेवा’ की जनसंपर्क अधिकारी श्रीमती नीना धींगड़ा और एम. तनवीर ने सामूहिक रूप से किया। अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री भगवान सिंह ने ’सेवा’ और परवेज़ सागर फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए छात्राओं का आह्वान किया कि उनको अत्याचारों के खिलाफ़ पूरी मज़बूती से खड़ा होना और विरोध करना सीखना होगा।


वहीं, कार्यक्रम के संयोजक एवं ’सेवा’ के समन्वयक एम. तनवीर (मोनू) ने इस बात पर खेद जताया कि आज के दौर में लड़कियां अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं रह गयी हैं। आये दिन उनके साथ घटनाएं होती हैं जिनके लिए कभी घर का ही कोई सदस्य, या रिश्तेदार या पडोसी जिम्मेदार होता है। शर्म, संकोच या भय के कारण लड़कियां अगर चुप रह जाती हैं तो इन अपराधियों का हौसला और अधिक बढ़ता चला जाता है। यह समाज की विडंबना है कि आधुनिक दौर में इस तरह के अत्याचार बालिकाओं और छोटे बच्चों के साथ हो रहे हैं। उनका स्पष्ट मत था कि जागरुकता की शुरुआत परिवारों से ही करनी होगी। घर में बच्चों को बाल्यकाल से ही लड़कियों का सम्मान करने के संस्कार दिये जाने चाहिये।

बिक्री कर विभाग की सेवा निवृत्त अधिकारी श्रीमती करुणा प्रकाश ने छात्राओं को संबोंधित करते हुए कहा कि महिलाओं को स्वस्थ रहने की जरूरत है. क्योंकि उन पर बहुत सारी जिम्मेदारी होती. जब किशोरावस्था से ही वे अपने स्वास्थ के प्रति सचेत होंगी. तभी भविष्य में वे बीमारियों से अपना बचाव कर सकती हैं. उन्होंने कहा कि बालिकाओं को पोष्टिक आहार के साथ-साथ साफ सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए।

’सेवा’ की जन संपर्क अधिकारी नीना धींगरा ने सेवा व पी.एस.एफ. संस्थाओं के क्रियाकलापों का परिचय देते हुए बताया कि हम लगातार 8 सालों से महिलाओं और बच्चों के मुद्दों और शिक्षा को लेकर सक्रिय हैं। भारत में सेवा और पीएसएफ एशियन गर्ल कैम्पेन के पार्टनर भी हैं। दोनों संस्थाएं मिलकर गरीब और श्रमिक तबके के बच्चों के लिए बिना किसी सरकारी आर्थिक सहायता के निशुल्क शिक्षा केंद्र का संचालन भी कर रही हैं।

इस अवसर पर जहां एक ओर विद्यालय की शिक्षिका रेशू त्यागी ने सेवा और पी.एस.एफ. की सराहना करते हुए उनके कार्यों को दूसरी संस्थाओं के लिए प्रेरणास्पद बताया, वहीं दूसरी ओर योग गुरु धनप्रकाश शर्मा ने बालिकाओं के लिये व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा की जरूरत पर बल दिया ताकि वह योग्यता और शिक्षा के बल पर आत्मनिर्भर बन सकें।

शिक्षिक विक्रम चौहान ने छात्राओं से कहा कि वे अपने अंदर का आत्मविश्वास खोने न दें. निर्भीक होकर समाज में अपना स्थान बनाएं. शिक्षा और बेहतर स्वास्थ के सहारे ही लड़कियां अपना भविष्य उज्जवल बना सकती है।

इस अवसर पर कालेज की तरफ से मीनाक्षी, राखी, शाईस्ता, सुषमा, मोहिनी के अतिरिक्त नंदिनी, राखी, विद्या, अनुष्का, प्रीति, शैली, पूजा आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही|  कार्यक्रम का संचालन नीना धींगड़ा ने किया।

सोमवार, अक्तूबर 8

सहारनपुर का तराना

सबसे प्यारा, सबसे न्यारा, सहारनपुर ये जिला हमारा।


उत्तर में हिमवान यहां पर, गंगा-यमुना का कल-कल स्वर ।

शस्य श्यामला धरा यहां की, सबको देती आंचल भर-भर ।

जो भी आता यही है कहता, यहां से जाना नहीं गवारा ॥१॥


मुगल काल से ख्याति पायी, अकबर ने मुद्रिका चलायी ।

अंग्रेज़ों को ऐसा भाया, काष्ठ कला लंदन पहुंचायी ॥

कला यहां की मोहित करती, जग करता गुणगान हमारा ॥२॥


स्वतंत्रता की बलिवेदी पर, परवानों ने प्राण चढ़ाये।

भारत मां को मुक्त कराने, दीवानों ने शीश कटाये।

देख धरा को संकट में, वीर यहां देते हुंकारा ॥३॥


शाकुंभर सा तीर्थ यहां पर, जीवनदाता हैं भूतेश्वर।

पीर यहां के बड़े प्रतापी, जो भी मांगो, देते हैं वर।

बागेश्वर के दर्शन पाकर, सुन्दर हो जाता दिन सारा॥४॥


पावन शबद सुनाते ग्रंथी, जिन मुनियों की अमृत वाणी।

वेद ऋचायें गूंजें नभ में, मस्जिद की अजान सुहानी ।

पावन कर देती तन-मन को, आशा का फैले उजियारा ॥५॥


शाह कमाल की धरती है ये, धरा लालदास बाबा की।

जिन दोनों के प्रेम की गाथा, धरती के कण-कण में लिक्खी ॥

यही प्रेम हम सब को जोड़े, यही प्रेम आदर्श हमारा ॥६॥


देवबन्द सा केन्द्र यहां पर, जहां से शिक्षा पाता जग भर।

यहां की माड़ी, यहां के कूंचे, गुण गाते हैं अवनी-अंबर।

बस्ती अपनी, गलियां अपनी, ये तो है परिवार हमारा ॥७॥


इस नगरी की शान बढ़ायें, इसको आलीशान बनायें।

पुरखों से जो पाया हमनें, अपने बच्चों को सिखलायें।

जो दे सकते, दे जायें हम, यही है शुभ संकल्प हमारा ॥८॥

- सुशान्त सिंहल
  

रविवार, अक्तूबर 7

आवाज़ के सितारे 2018 ऑडिशन के परिणाम घोषित

सहारनपुर : 7 अक्तूबर – मानसी सांस्कृतिक चेतना मंच द्वारा आयोजित गायन प्रतियोगिता – आवाज़ के सितारे 2018 के प्रथम चरण के परिणाम घोषित कर दिये गये हैं।  दि. 2 अक्तूबर 2018 को आशा मॉडर्न स्कूल, सहारनपुर में आयोजित ऑडिशन में लगभग 170 प्रतिभागी उपस्थित रहे।  तीन वर्गों में विभाजित प्रतिभागियों ने अपनी गायन प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया था।
द्वितीय व अंतिम प्रतियोगिता आगामी रविवार दि. 14 अक्तूबर 2018 को प्रातः 10 बजे से स्थानीय जे.वी. जैन डिग्री कॉलेज की “कलांगन” श्रोतृशाला में आयोजित की जायेगी। प्रत्येक वर्ग में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले जिन 11-11 प्रतिभागियों का इस अंतिम चरण में भाग लेने हेतु चयन किया गया है, उनके नाम निम्न प्रकार हैं:-
सब-जूनियर वर्ग  ( 5 से 12 वर्ष)
अनुक्रमांक
प्रतिभागी का नाम
126
वेदांश शर्मा
104
वैष्णवी मोहन
121
संस्कृति थापा
102
वरदान गुप्ता
108
नन्दिनी अग्रवाल
110
कैफ मलिक
105
मेघा कक्कड़
120
हर्षिता काम्बोज
109
हेमांग खन्ना
118
राघव राज गौड़
103
हिमांशु कुमार

जूनियर वर्ग (6 से 21 वर्ष)
अनुक्रमांक
प्रतिभागी का नाम
330
अविरल
307
तनिशा सैनी
341
राधिका धीमान
369
तन्या प्रदीप
360
नमन चतुर्वेदी
355
करण कौशिक
334
मुस्कान त्यागी
311
मानवी आर्य
301
हार्दिक भारद्वाज
312
आशुतोष कुमार
353
कृतिका कौशिक

सीनियर वर्ग (22 से 32 वर्ष)
अनुक्रमांक
प्रतिभागी का नाम
512
आई. आर. रहमान
528
पीयूष जैन
505
अल्का चोपड़ा
513
मौ. शाहरूख
523
शाहनूर काज़ी
516
जगमोहन
504
अतुल सचदेवा
501
गरिमा राणा
503
सलोनी सपड़ा
506
कीर्ति अहलावत
519
चित्रांश कुमार

सभी विजयी प्रतिभागियों को द सहारनपुर डॉट कॉम और मानसी सांस्कृतिक चेतना मंच की ओर से हार्दिक बधाई और फाइनल प्रतियोगिता में सफलता हेतु अपार शुभकामनाएं।

नोट : कृपया ध्यान दें कि माननीय निर्णायक महोदयों का निर्णय अंतिम व मान्य है। यदि किसी प्रतिभागी ने अपना पूरा प्रवेश शुल्क जमा नहीं कराया है तो उसको प्रतियोगिता में भाग लेने से आयोजकों द्वारा रोका जा सकता है

शनिवार, अक्तूबर 6

आवाज़ के सितारे 2018 ऑडिशन : छः घंटे तक बहती रही सुर सरिता, उमड़े सहारनपुर के सितारे


सहारनपुर : मानसी सांस्कृतिक चेतना मंच, सहारनपुर द्वारा आयोजित गायन प्रतियोगिता – आवाज़ के सितारे 2018 के प्रथम चरण में छः घंटे से भी अधिक समय तक चले कार्यक्रम में सुरों की सरिता में ऐसा अवगाहन किया कि सभी मंत्रमुग्ध होकर सुनते ही रह गये।  तीन आयु वर्गों में 170 प्रतिभागियों ने सहभागिता की जिसमें सफल रहे गायक कलाकारों को आगामी रविवार 14 अक्तूबर को जे.वी. जैन कालेज के ऑडिटोरियम में अंतिम चरण में अपनी गायन प्रतिभा का लोहा मनवाने का अवसर मिलेगा।
मानसी के वरिष्ठतम सदस्य की विशेष प्रस्तुति
जैसा कि मानसी सांस्कृतिक चेतना मंच के कार्यक्रमों की विशेषता रहती है, कलाकारों को फिल्म संगीत के स्वर्णिम युग माने जाने वाले कालखंड - यानि वर्ष 1990 तक के फिल्मी गीतों को चुनने के लिये प्रोत्साहित किया गया था और इसके लिये उनको अतिरिक्त नंबर देने की व्यवस्था की गयी थी। पांच वर्ष की आयु के बच्चों ने भी अपने जन्म से 30 वर्ष से भी अधिक पुराने गीतों का चयन करके इतने मधुर स्वर में गीत गाये कि श्रोता भावविभोर हो गये।
  
गायन प्रतियोगिता में शामिल हो रहे कलाकारों की भारी भीड़ को देखते हुए उनको केवल एक अन्तरा ही गाने की अनुमति दी गयी थी।  इसके बावजूद आज की प्रतियोगिता छः घंटे तक चलती रही। 
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आम आदमी पार्टी की केन्द्रीय कार्यकारिणी के सदस्य किसान नेता योगेश दहिया, आरोन एजुकेशनल वेल्फेयर सोसायटी की अध्यक्ष और मेरी डेल एकेडमी की प्रिंसिपल रश्मि टेरेंस, सी.ए. योगेश गर्ग और मैजिकोन के निदेशक शशिकान्त त्यागी को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

गायक प्रतिभागियों की गायन कला का समुचित आकलन करने का महती उत्तरदायित्व प्रसिद्ध गायक श्री सुशील नाज़, श्रीमती रुचिन्द्रा, श्री अनुज जैन, श्री संदीप शर्मा, श्रीमती निशा गर्ग को दिया गया था जिसका उन्होंने बखूबी निर्वाह किया। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से दीक्षा सेतिया, श्रीमती आशा गर्ग और मानसी के अध्यक्ष के.के. गर्ग ने किया।  गायकों को विभिन्न वाद्यों से सहयोग देने के लिये कीबोर्ड पर अमित कौशिक व उनकी पार्टी ने बखूबी साथ निभाया। विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों के पंजीकरण के लिये अलग – अलग काउंटर बनाये गये थे और सभी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र दिये गये और उनके लिये भोजन की व्यवस्था भी की गयी थी।  कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने हेतु मानसी सांस्कृतिक मंच की पूरी टीम ने बढ़ चढ़ कर विशेष योगदान दिया।
 

शुक्रवार, अक्तूबर 5

कला प्रदर्शनी में नये चित्रकारों ने दिखाये अपनी कला के जौहर


सहारनपुर – 4 अक्तूबर – सहारनपुर को सामान्यतः नृत्य व संगीत को ही पसन्द करने वाले महानगर  के रूप में ही जाना जाता है किन्तु कलर क्रियेशन ग्रुप के बैनर तले, कला साधिका व प्रशिक्षिका श्रीमती रामलता के संयोजन में एक विशाल ड्राइंग पेंटिंग प्रदर्शनी का दो दिन का सफल आयोजन यह सिद्ध करने के लिये पर्याप्त है कि सहारनपुर बहुमुखी प्रतिभा का धनी क्षेत्र है।


जहां एक ओर प्रख्यात चित्रकार व जे.वी. जैन कॉलिज के कला विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. रामशब्द सिंह कलर क्रियेशन ग्रुप के माध्यम से नवांकुर चित्रकारों की तूलिका को अपना जादुई स्पर्श देकर उन्हें सजाने संवारने में लगे हैं वहीं उनकी योग्य शिष्या रह चुकी श्रीमती रामलता ने कलर क्रियेशन ग्रुप की संस्थापक के रूप में कला साधना को ही अपने जीवन का ध्येय बना लिया है।
महापौर संजीव वालिया को एक कलाकृति स्मृति चिह्न के रूप में भेंट करते हुए चित्रकार 
प्रदर्शनी का उद्‌घाटन करने के लिये पधारे, सहारनपुर के महापौर श्री संजीव वालिया भी युवाओं की कलात्मक प्रतिभा देख कर अभिभूत नज़र आये।  उन्होंने रविपाल, सोनू, किरन सैनी, मोनिका, पिंकी रानी आदि के द्वारा पिछले तीन वर्षों में बनाये गये चित्रों की भरपूर प्रशंसा की और एक – एक कलाकृति को सराहा।  डा. रामशब्द सिंह व श्रीमती रामलता ने विभिन्न चित्रों के माध्यम से कलाकारों की भावनाओं का परिचय दिया।
कलर क्रियेशन ग्रुप से जुड़े प्रशिक्षक व छात्र - छात्राएं 
तैल चित्र, एक्रिलिक रंग व पानी के रंगों से तैयार कुछ चित्र को मानों बोलने के लिये उत्सुक प्रतीत होते हैं।  प्रदर्शनी देखने पधारे नागरिकों में नगर के अनेकानेक बुद्धिजीवी व कलाप्रेमियों के अलावा जे.वी. जैन कॉलिज के प्राचार्य डा. पी.के. वार्ष्णेय, मुन्ना लाल कालेज की प्राचार्या डा. मधु जैन, कला संकाय की प्रवक्ता डा. छवि जैन  व सभी प्रवक्ता, छात्र – छात्राओं के साथ – साथ मुन्ना लाल गर्ल्स डिग्री कॉलिज से भी भारी संख्या में छात्राएं व अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं।  मनीष कच्छल, पवन शर्मा, डा. जया अरोड़ा, सुशान्त सिंहल आदि भी विभिन्न कलाकृतियों को निहारते दिखाई दिये। 
प्रस्तुत हैं उक्त प्रदर्शनी में प्रदर्शित कुछ चित्र जो हमारे मन को विशेष रूप से भाये।






 

जो विशेष पसन्द किये गये !